Saturday, December 31, 2016

एक नए दिन की शुरुआत ....मुबारक़ हो



                     सबसे पहले तो आप , हमसब को नए साल की ढ़ेरों   शुभकामनायें। .. इस साल सब लोग खूब अच्छा-अच्छा सोचें , अच्छा-अच्छा करें , किसी को भी पलभर के लिए दुःख का सामना न करना पड़े , ईश्वर से यही प्रार्थना है। .. सुनने  में यह बात बड़ी अजीब सी लग सकती है की यह कैसे संभव है की सब खुश रहें , संतुष्ट रहें , किसी बड़ी परेशानी-दुःख से सामना ही न हो ! .. सच है , बहुत सी खुशियां और थोड़े से दुःख हम सब की ज़िन्दगी में आते जाते ही रहते है , .हाँ हम कोशिश करें अपनी, सिर्फ अपनी आदतों में बदलाव लाने की , अपनी सोच में अपने व्यवहार  में बदलाव लाने , अपने -अपने घर परिवार को खुश रखने की और थोड़ा  सा ख्याल उन लोगों का रखने की जिनसे हमारा कभी-कभार  सामना हो जाता है , और ऐसा करने के   लिए हमें ज़रा भी मेहनत भी  नही करनी , तो निश्चित रूप से ये साल ही नही , आने वाला हर एक साल बहुत खुशियों  भरा होगा।  यदि हम किसी के लिए कुछ अच्छा नहीं भी कर सकते तो न करें लेकिन किसी का बुरा भी न करें , ... शायद ऐसा सोचने , करने से ही लोगों की ज़िन्दगी में कुछ खुशियां आएं!

              कहने को तो नए साल की शुरुआत सिर्फ एक बदली हुई तारीख  ही होती है। .. और कुछ नहीं।  लोग जैसे थे , जो थे वही रहते है , उनमें कुछ भी नही बदलता।  ऐसा बहुत से लोग कहते है , जो सच भी है।  अब देखिये न , पिछले नौ घंटे बीस मिनिट पहले तक हम २०१६ लिख रहे थे और उसके बाद २०१७ , क्या फर्क पड़ता है ? .हर साल की तरह इस नए साल के शुरआती दिनों में हम भी बार बार ' १६ ही लिख जायेंगे न ,और फिर उसे काटकर  ' १७ लिख देंगे , बस्स्स।

             जहां तक मेरा सोचना है , जितना मुझे समझ में आता है , यह लिखा-पढ़ी में बदला  हुआ अंक ,सिर्फ एक 'अंक ' ही नही बदलता , बहुत कुछ बदल जाता है।  इसी में तो  हमारी ज़िन्दगी का सारा हिसाब -किताब  छुपा हुआ है।  हमारे  जन्म-मरण की तारीख  , , हमने कितने साल पढालिखा , किस उम्र से नौकरी की , कब नौकरी से सेवानिवृत्ति का समय आ गया , .. हम , हमारे बच्चे अब कितने बड़े हो गए , उम्र के हिसाब से अब हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं , बहुत कुछ इन बदली हुई तारीख़  के बदले  हुए अंक से  समझ में आना बहुत आसान है।.. किसी रिक्त पद के किये जब आवेदन पत्र  आमंत्रित किये जाते है तो उसमें अधिकतम  आयुसीमा निर्धारण के लिए एक निश्चित तारिख दी जाती है , मान  लीजिये  वह तारिख १ जनवरी ' २०१७ है   जिसको आपकी उम्र तीस वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए और आप   ३१ दिसंबर २०१६ ( अब २०१६ को लिखना इतनी जल्दी तो नहीं छोड़ देंगे न )  को ही अपनी उम्र के तीस साल पूरे  कर चुके ! तब ? .. आपका तो हो  गया न बेडा गर्क ! .. अब आप तो इस पूरी ज़िन्दगी में इस नौकरी से हाथ  धो बैठे ,  कितने भी योग्य आप क्यों न हों, गुणों की खान हों , तब भी !... हाँ आप अपनी योग्यता के बल पर बहुत से क्षेत्रों में सफलता पा सकते है , पर इस जगह नही , जहां पर आपकी उम्र सिर्फ कुछ मिनिट ज्यादा है।

          बस , यही कहना चाहती हूँ की जितना बड़ा सच यह है की  नया साल सिर्फ एक बदल हुआ ' अंक ' है और कुछ नही , व्यक्ति नही बदलता , उतना ही सच यह भी है की ये बदला  हुआ ' अंक ' एक व्यक्ति की ज़िन्दगी का पल-पल का बहीखाता ज़रूर संभाल  कर रखता है। .. बहुत से लोगों में  सुखद बदलाव की ढेर सी उम्मीदे जगाता  है ,खुद के लिए और औरों के लिए भी।  भले ही बहुत से देश नए साल का आगमन अलग-अलग तारिखों पर करते हों पर आज का दिन हम सारे  पृथ्विवासी बहुत जोर- शोर  से मनाते हि  है।
       
        इतने सालों  में पहली बार ३१ दिसंबर २०१६ के विदा होने के बड़े भावपूर्ण , दुखी भी कह सकते है , संदेशों की भरमार थी।  तो आज सब , बड़े-बच्चे दिल खोलकर एक दूसरे को बधाईयां भी दे रहे है ,  आइये , हम सब भी इन खुशियों में शामिल हो जाएँ , ढेरों शुभकामनाये। ....

2 comments:

डॉ. मोनिका शर्मा said...

आपको भी शुभकामनाएं ... सही कहा

Priyadarshini Tiwari said...

शुक्रिया । आपको भी शुभकामनाएँ।